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    Tuesday, 28 March 2017

    रात में ज़्यादा पेशाब लगता है तो संभल जाएं!

    जापान के डॉक्टरों का कहना है कि जिन्हें रात में जगकर बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है, उन्हें अपने खाने में नमक की मात्रा में कटौती करनी चाहिए.
    इस समस्या को नौक्चुरिया कहा जाता है. इससे लोग 60 की उम्र के बाद प्रभावित होते हैं. इससे पीड़ित लोगों की नींद ख़राब होती है और लोगों का जीवन भी प्रभावित होता है.
    यह स्टडी 300 से ज़्यादा लोगों पर की गई है. शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन्होंने नमक की मात्रा को कम किया उन्हें रात में बार बार पेशाब करने की समस्या से भी निजात मिल गई. ब्रिटेन के डॉक्टरों का भी कहना है कि सही आहार से इस समस्या के लक्षण को कम किया जा सकता है.
    नागासाकी यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों ने अपनी स्डटी के नतीजे को लंदन के यूरोपियन सोसायटी ऑफ यूरोलॉजी कांग्रेस में प्रस्तुत किया.
    जो ज़्यादा नमक खाते हैं उन मरीज़ों पर तीन महीने तक निगरानी रखी गई कि वे नींद की समस्या से पीड़ित हैं. उनसे कहा गया कि वे अपने आहार में नमक की कटौती करें. जिन्होंने ऐसा किया उनमें बार-बार पेशाब करने की आदत कम हुई.
    जो रात में दो बार से ज़्यादा पेशाब करते थे वे एक बार तक ही रूक गए. इसका असर दिन में भी साफ़ दिखा और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ.
    इस स्टडी में 98 लोगों को ज़रूरत से ज़्यादा नमक खिलाया गया था और इसका असर ठीक उलटा दिखा. ये रात में कई बार पेशाब करने के लिए उठे.
    इस स्टडी को अंजाम देने वाले डॉ मात्सुओ तोमोहिरो ने कहा कि इसकी पुष्टि के लिए और बड़ी स्टडी की ज़रूरत है, लेकिन इससे बुज़ुर्गों को निश्चित तौर पर मदद मिलेगी.
    उन्होंने कहा कि अपने आहार को ठीक करने से जीवन को कई मामलों में ठीक बनाया जा सकता है. ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी में नौक्चुरिया विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर मार्कस ड्रेक का कहना है कि जितनी मात्रा में लोग नमक खाते हैं उसका सामान्य तौर पर नौक्चुरिया से कोई संबंध नहीं होता है. सामन्यातः डॉ पानी पीने की मात्रा को देखते हैं. बिस्तर पर जाने से पहले कितना पानी पीते हैं यह भी मायने रखता है.
    50 की उम्र के बाद आधे से ज़्यादा पुरुषों और महिलाओं को रात में ब्लैडर खाली करने के लिए नींद ख़राब करनी पड़ती है. यह सामान्य तौर पर ज़्यादा उम्र के लोगों में आम समस्या है. इनमें से ज़्यादातार लोग कम से कम दो बार ज़रूर जागते हैं.
    यदि आप रात में दो बार से ज़्यादा पेशाब करने के लिए उठते हैं तो नींद ख़राब होती है. इससे तनाव बढ़ता है, उलझन होती है और चिड़चिड़ाहट भी बढ़ती है.

    महज़ बूढ़े होने का साइट इफ़ेक्ट नहीं

    उम्र के साथ हॉर्मोन्स में तब्दीलियां आती हैं. इसी कारण रात में ज़्यादा पेशाब होता है. उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों के प्रोस्टेट ग्रंथि अक्सर बढ़ने लगती है. बड़ा प्रोस्ट्रेट ट्यूब पर दबाव बना सकता है और इससे पेशाब भी ज़्यादा होता है.
    लेकिन पूरी कहानी यही नहीं है. नौक्चुरिया आपकी सेहत से जुड़ी समस्या का एक संकेत है कि कहीं आप डायबिटीज़ से तो पीड़ित नहीं हैं. आप हार्ट या नींद नहीं आने की समस्या से भी पीड़ित हो सकते हैं.
    कितना नमक ज़्यादा है?
    ब्रिटेन में वयस्कों को हर दिन 6 ग्राम नमक खाने की सलाह दी जाती है. यह 2.4 ग्राम सोडियम के बराबर होना चाहिए. बच्चों को तीन सालों तक रोज दो ग्राम नमक खाना चाहिए. सात से 10 साल की उम्र में इसे बढ़ाकर 5 ग्राम कर देना चाहिए. 11 की उम्र के बाद बच्चों को भी 6 ग्राम रोज नमक खाना चाहिए.

    रात में किस खाने में ज़्यादा नमक होता है?

    ब्रेड और अनाज के नाश्ते में जितना आप सोचते हैं उससे ज्यादा नमक होता है. बेकन, हैम, चीज़, क्रिस्प्स और पास्ता चटनी में भी ज़्यादा नमक होता है. जब आप कोई भी प्रोसेस्ड फूड ख़रीदें तो पैकेट पर प्रति 100 ग्राम में कितना नमक है इसे ज़रूर देखें.

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