फ़िल्म 'मैंने प्यार किया' की शूटिंग चल रही थी. सलमान ख़ान भाग्यश्री के साथ छेड़खानी कर भागे और अचानक गिर पड़े, हंसकर भाग्यश्री ने कहा, कोई बात नहीं, होता है, होता है. सूरज बड़जात्या साहब ने ऑफ कैमरा बोला गया ये डायलॉग फ़िल्म में ले लिया.
28 साल पहले फ़िल्म 'मैंने प्यार किया' की भाग्यश्री और आज की भाग्यश्री में ज़मीन-आसमान का अंतर आ चुका है.
तब समाज के संकुचित दृष्टिकोण से भाग्यश्री सूरज बड़जात्या की फ़िल्म की 'आदर्श हीरोइन थीं.' आज वो ग्लैमरस दिखाई देती हैं जो शायद कंज़रवेटिव दृष्टिकोण को न भाए.खुद में आए इस बदलाव के बारे में भाग्यश्री कहती हैं, "मुझ में पहले आत्मविश्वास की कमी थी. औरत उम्र बढ़ने के साथ और निखरती है और कॉन्फिडेंट होती है. मेरे साथ भी ठीक वैसा ही हुआ."
उन्होंने बताया, "उम्र का एक ख़ास पड़ाव पार करने के बाद जब आप अपनी ज़िंदगी में ढल चुके होते हैं, खुद के साथ और अपने आसपास के लोगों के साथ भी, तब आप कॉन्फिडेंट महसूस करने लगते हैं."
वह कहती हैं, "पढ़ाई करने का अपना सपना मैंने पूरा किया. अब मैं एक न्यूट्रिशियनिस्ट हूं. मैंने स्टैनफोर्ड से भी पढ़ाई कर ली है."मैंने प्यार किया' सलमान ख़ान की पहली और भाग्यश्री की इकलौती हिट फ़िल्म रही.
सलमान के साथ उनकी केमिस्ट्री काफी पसंद की गई. इस फ़िल्म से सलमान बॉलीवुड के सबसे ऊंचे मुकाम पर पहुंचे.
लेकिन भाग्यश्री ने शादी कर परिवार को अहमियत दी.
वो कहती हैं कि अगर उन्होंने अपना फ़िल्मी करियर जारी रखा होता तो ज़िंदगी बहुत अलग होती.उन्होंने बताया, "मैंने बहुत कुछ छोड़ दिया. मैं बहुत कुछ कर सकती थी. बहुत से टैलेंटेड लोगों के साथ काम कर सकती थी."
भाग्यश्री कहती हैं, "लेकिन मैंने एक निर्णय लिया और उस पर कायम रही. अगर मैं फ़िल्में चुनती तो लाइफ बहुत अलग होती."
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