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    Tuesday, 28 March 2017

    यूपी को बदलने के लिए सीएम योगी ने एक हफ्ते में लिए 50 निर्णय

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते एक हफ्ते में 50 से ज़्यादा प्रशासनिक निर्णय ले चुके हैं। हाल में उन्होंने नौकरशाहों को यह हिदायत दी है कि वे हर दिन 18-20 घंटे काम करें ताकि यूपी को एक नई पहचान मिल सके। अवैध बूचड़खानों को बंद करने और महिला सुरक्षा के लिए ऐंटी-रोमियो स्क्वॉड बनाने के अलावा राज्य की हालत सुधारने के लिए कई फैसले लिए गए हैं।

    मंत्रियों और अधिकारियों को सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंचने और बायोमैट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था करने के फैसले उनकी लोकप्रियता बढ़ा रहे हैं। रविवार को सीएम योगी ने कहा कि यूपी के लोगों ने उन्हें और उनके सहयोगियों को ज़िम्मेदारी सौंपी है, इसलिए पार्टी के कार्यकर्ताओं को राज्य को नई पहचान देने के लिए मेहनत करनी चाहिए। गोरखपुर में योगी ने कार्यकर्ताओं से कहा, 'यह एक बड़ी चुनौती है, इसलिए जिन्होंने दिन 18-20 घंटे काम करने की ठान ली है उन्हें हमारे साथ रहना चाहिए, बाकी लोगों को अलग हो जाना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'हम दो महीने में ऐसे हालात पैदा करेंगे कि लोग बदलाव महसूस करेंगे और जानेंगे कि एक सरकार को कैसे काम करना चाहिए।' योगी ने आगे कहा, 'मैं अकेला मुख्यमंत्री नहीं हूं, बीजेपी का हर कार्यकर्ता एक मुख्यमंत्री है। हमें यूपी को एक भ्रष्टाचार मुक्त राज्य की पहचान देनी है जहां कानून का पालन होता है।'
    योगी ने कहा, 'मैंने PWD (पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट) से यूपी की सड़कों को 15 जून तक गड्ढा-मुक्त बनाए और बिजली विभाग पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराए।' उन्होंने कहा, 'पिछली सरकारों द्वारा पाले गए गुंडे या तो यूपी छोड़ दें या उन्हें जेल भेज दिया जाएगा।' मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी को भूखा नहीं रहने देगी और पैसे की कमी की चलते कोई लड़की अविवाहित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, 'हम किसानों से गेहूं का पूरा स्टॉक खरीदेंगे।'

    सीएम योगी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए मिलने वाले अनुदान को भी 50 हज़ार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया। उन्होंने हर पुलिस स्टेशन में पीने के पानी की पूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए और हर डिपार्टमेंट में सिटिज़न चार्टर बनाने की सख्त हिदायत दी। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया।
    नौकरशाही में बदलाव नहीं
    सीएम योगी एक तरफ कड़ी कार्रवाइयां कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य की नौकरशाही बड़े प्रशासनिक बदलाव का इंतज़ार कर रही है। हालांकि इस मामले में योगी सरकार पिछले मुख्यमंत्रियों की तरह काम नहीं कर रही है। सरकार ने नौकरशाही में बदलाव को लेकर संकेत नहीं दिए हैं। साल 2007 में मुख्यमंत्री बनने के कुछ ही घंटों बाद मायावती ने नौकरशाही में बड़े बदलाव किए थे। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी 2012 में सीएम बनने के कुछ ही दिनों बाद अपनी पसंद के अधिकारियों की नियुक्ति कर दी थी। लेकिन योगी ने सीएम बनने के एक हफ्ते बाद भी कोई बड़ा परिवर्तन नहीं किया है।

    मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपनी पसंद के अधिकारियों को चुने बिना उन्होंने स्वच्छता, ऐंटी-रोमियो स्क्वॉड और अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया। मुख्य सचिव राहुल भटनागर और पुलिस महासचिव (DGP) योगी सरकार में काम कर रहे हैं जिन्हें सपा सरकार ने पिछले साल नियुक्त किया था। लगभग सभी ज़िलों के IAS और IPS अधिकारी भी अपने-अपने पदों पर बने रहते हुए काम कर रहे हैं।
    तुलसीदास के लिए राजा अकबर नहीं, राम थे'
    गोरखनाथ मंदिर में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'इतिहास की किताबों में लिखा है कि मुगल शहंशाह अकबर दयालु और उदार था, लेकिन जब उसे तुलसीदास के भक्ति आंदोलन के बारे में पता चला तो विरोध को दबाने के लिए धर्मनिरपेक्ष रणनीतियां अपनाईं। उसने उन पर दबाव बनाने की कोशिश की। जब अकबर को दूत ने तुलसीदास को 'बादशाह' के संदेश के बारे में बताया तो वह (तुलसीदास) नाराज़ हुए और कहा कि भगवान राम ही उनके राजा हैं।'

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